Friday, September 28, 2012

Krishna Bhajan 3 - मैं तुमको श्याम बुलाऊं

मैं तुमको श्याम बुलाऊं , सादर  घर में पधराउँ 

नैनों से स्वागत गाऊं , सर्बस दे तुम्हे रिझाऊं
अंखियन जल पैर धुलाऊं , हिय झूले तुम्हे झुलाऊं

प्रेमामृत रस नहलाऊँ , भोजन रस मधुर कराऊं
हिय कोमल सेज सुलाऊं , सुरभित अति पवन ढुलाऊं

कोमल कर चरण दबाऊं , छवि निरख निरख सुख पाऊं
छिन छिन मन मोद बढाऊं , नाचूं गाऊं हर्शाऊं

नख शिख पर बलि बलि जाऊं , मैं न्योछावर हो जाऊं 

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